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प्रारंभिक परीक्षा अध्ययन रणनीति for ||UPSC|IAS|CSE|UPPSC|UPPCS|RO-ARO|LOWER PCS|STATE PCS|UPSSSC||

             प्रारंभिक परीक्षा अध्ययन रणनीति


    तैयारी कैसे करे 

यह अर्टिकल किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए एक आवश्यक रणनीति का निर्माण है।  देश में होनें वाली सभी कैरियर परीक्षाओं |UPSC |UPPSC|MPPSC|BPSC|UPPCS|STATE PCS|UPSSSC|LOWER PCS||

 जिसमें सिविल सेवा का स्थान सर्वोपरि है। अतः इसकी तैयारी के लिए एक सटीक योजनाबद्ध और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कार्य योजना की आवश्यकता होती है।  

किसी भी कार्य को करने के लिए एक निश्चित मूलभूत सिद्धांत होते हैं जैसे  एक निश्चित योजना PLANNING,RESOURCES, STRATEGY, SUPERVISION, EXECUTION and TIME SCHEDULE and TIME MANAGEMENT    अर्थात यह पता होना चाहिए कि कब क्या करना है कब तक करना है कैसे करना है आवश्यक रणनीति क्या है और उपलब्ध संसाधन कौन कौन से हैं  इन्हीं सब बातों के लिए कार्य योजना आवश्यक है। कार्य योजना भी long term और short term दोनो होना चाहिए। 

जिसको अब में प्रस्तुत कार्य योजना के विभिन्न चरणों में चर्चा करने जा रहा हू :ःःः

                            


1= पाठ्यक्रम और पूर्व में पूछे गये प्रश्नों से सम्बन्धित रणनीति


सबसे पहले सामान्य अध्ययन के पूरे पाठ्यक्रम का विस्तृत अध्ययन करें। पाठ्यक्रम के अनुसार अध्याय क्रम से पूर्व में पूछे गये प्रश्नों का भी अवलोकन करें।  पाठ्यक्रम और पूर्व में पूछे गये प्रश्नों के अवलोकन से आपको यह पता चलेगा कि कौन सा अध्याय और अध्याय का कौन सा भाग महत्वपूर्ण है ।  अर्थात् जिससे सबसे ज्यादा प्रश्न अब तक पूछे गये हैं उन्हें आप श्रेणी ए में रखें।  इसके बाद जिस अध्याय से ज्यादा प्रश्न पूछे गये हैं उसे श्रेणी बी में और सबसे कम पूछे गए प्रश्नों के अध्यायों कों श्रेणी सी में रखें।  इस प्रकार इन श्रेणियों के अनुसार पाठ्यक्रम को देखते हुए आप सामान्य अध्ययन का एक अपना पाठ्यक्रम  बनाएॅ।  आपके द्वारा तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम एक आदर्श पाठ्यक्रम  बन जाएगा।  


2= पुस्तकों का चयन और पढने की तकनीक


मेरे विचार से सामान्य अध्ययन प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रत्येक खंड पर कम से कम चार पुस्तकों का अध्ययन किया जाना चाहिए जिनमें दो पुस्तकें बेसिक पुस्तक होनी चाहिए और दो एडवांस।  बेसिक पुस्तक के अंतर्गत NCERT पुस्तक का उल्लेख किया जा सकता है।  जब हम इस बेसिक पुस्तक को अच्छे से तैयार कर ले तो एडवांस श्रेणी की पुस्तकों का अध्ययन करना आरंभ करेंगें जिसकी सूची दी जायेगी अगर आप को उसी जरूरत होगी तो आप टिप्पणी कर सकतें है।

अब मैं पुस्तकों के पढने की तकनीक पर चर्चा करूगां।  मान लेते है कि हमें अध्याय मौलिक अधिकार तैयार करना है

सर्वप्रथम NCERT से मौलिक अधिकार अध्याय को दो बार तेजी से पढे।  इसी दौरान आप पुस्तक के महत्वूर्ण बिंदूओं को पेंसिल से रेखाकित कर लेने का कार्य भी कर लें।  अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदुओं को लाल रंग से रंखाकिंत करें।  तीसरी बार इसी अध्याय को धीर धीर पढे और तथ्यों को समझने की कोशिश करें।  

 NCERT पढ लेने के बाद आप नोट्स बनाने की प्रक्रिया भी पूर्ण कर लें और तब एडवांस पुस्तक से इसी अध्याय को पढें।  

बेल बोल कर पढना एक अच्छी विधि है इससे आपका ध्यान नहीं बंटता और आपका मस्तिष्क ऑखें और काल तीनों एक साथ सक्रिय रहते है।  फलस्वरूप अध्ययन में एक गहराई आती है।  पुस्तक को पढते समय पंक्तियों के नीचे पेन पेंसिल अथवा उॅगली को रखते हुए पढें।  


3= नोट्स बनाने की तकनीक


मेरे विचार से एक निश्चित कार्य योजना के तहत नोट्स बनाने कि प्रक्रिया होनी चाहिए क्योंकि पुनरावलोकन की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए नोट्स तैयार करना जरूरी है।  क्योंकी अंतिम एक महीनें में पूर्व में की गई तैयारी का तीन बार पुनरावलोकन आवश्यक है।  जो आपके नोट्स बनाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।  


यदि हमें भारतीय राजव्यवस्था का नोट्स बनाना हो तो इसके लिए हम तीन नोट बुक लेंगे।  अगर हम मौलिक अधिकार का नोट्स बना रहे हैं तो बेसिक पुस्तक (NCERT) से सारे पहत्तवपूर्ण तथ्यों को संक्षिप्त रूप् से स्पष्टता के साथ पहली नोट बुक में लिख लेंगे।  दूसरी नोट बुक में हम एडवांस पुस्तकों से हासिल किये गये मौलिक अधिकार के तथ्यों को लिखेंगे।  तीसरी नोट बुक में अन्य पुस्तको व टेस्ट पेपरों से प्राप्त मौलिक अधिकार से संबंधित विविध तथ्यों को लिखेंगे।  


4= याद करने की तकनीक


इस चरण के लिए सर्वप्रथम NCERT से मौलिक अधिकार को तेजी से दो बार पढें।  इस प्रकार से किये गये क्रमिक अध्ययन से आपको अपने द्वारा बनाये गये नोट्स को पढ कर याउ करने में और याद रखनें में सफलता प्राप्त होगी।  इस पुस्तक को पढ लेने के बाद आप अपनी पहली नोट बुक उठायें और उसमें मौलिक अधिकार के पुष्ठों की संख्या को देखें और उसे याद कर लेने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करें जैसे प्रत्येक पृष्ठ को याद करने के लिए दस सके पंद्रह मिनट का समय सही है।  इसके बात यही प्रक्रिया दुसरे तीसरे नोट पर भी अपनना है।  

ज्ब भी पढें मस्तिष्क को यह संदेश दें कि आप जो भी पढ रहे हैं वह आपको याद हो रहा हैं  यह प्रक्रिया मस्तिष्क को सकारात्मक संदेश मिलती है।  

ठस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके पढने की टेबल  सदैव साफ सुथरी होनी चाहिए।  आपका आदर्श पाठ्यक्रम सामने चिपका होना चाहिए।  किसी भी टॉपिक को खत्म करने के बाद उस टॉपिक को सामने चिपके पाठ्यक्रम में चिंहित करें यह आपके आत्मविश्वास को बढायेगा।

  

  5=स्वमूल्यांकन  

स्वमूल्यांकन के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।  इसके लिए किसी भी स्तरीय प्रश्न कोश का सहारा ले सकते हैं।  स्वमूल्यांकन के लिए भी दो तीन बातों का ध्यान रखें


अभ्यास करते समय जो प्रश्न आपसे हल नहीं हो पाता समझ लीजिए ि कवह आपका कमजोर पक्ष है।  ऐसे प्रश्न के उपर गोला करदें ताकि सहज ही आपकी उस पर नजर जाये।  इस प्रश्न को तीसरी नोट बुक में नोट कर लें।  

प्रश्नों को हल करने के बाद किये गये मूल्यांकन में यदि आपके 100 में 50 नम्बर आते हैं तो आपका प्रतिशत 50 है।  इसे आप प्रश्न प़त्र पर अखिरी में लिख लें और तिथि भी डाल दें तकि जब आप अगली बार प्रश्नों को हल करें तो आपको यह पता चले कि आपको इस बार कितने प्रतिशत अंक अधिक आये हैं।  इस बार भी आप अपने द्वारा प्राप्त प्रतिशत को प्रश्न कोश के अंत में तिथि सहित लिख लें।  जब भी आप टेस्ट दें यह कार्य जरूर करें।  

परीक्षा के ठीक एक महीने पूर्व सुपर रीविजन के लिये प्रश्न कोश के उत्तरों का फोटोस्टेट करवा लें। सुपर रीविजन के दौरान प्रश्न व उत्तर साथ साथ रखें।  इस तरह दोनों को एक साथ देख सकेंगे और आपके बहुमूल्य समय की बचत होगी।  


6 = परीक्षा हॉल की रणनीति

परीक्षा का समय नजदीक आते आते उपर बताये गये चरणों पर चलकर आपकी तैयरी पूर्णता प्राप्त कर चुकी होती है। तत्पश्चात् नीचे बताये जा रहे बातों का विशेष ध्यान रखें  :ः

परीक्षा के एक दिन पूर्व 1 बजे दिन तक पढाई बंद कर दें।  परीक्षा के पूर्व र्प्याप्त एवं अच्छी नींद आवश्यक है।  

परीक्षा भवन में शांतचित होकर जायें।  प्रश्न पत्र के उपर दिये गये निर्देंशों को ध्यान से पढें।  

जब परी़क्षक प्रश्न पत्र हल करने को कहें तो प्रश्न हल करना शुरू करें।  सबसे पहले उन प्रश्नों को तेजी से हल कर लें जिनमें आप स्वंय को शत प्रतिशत सुरक्षित महसूस करते हैं।  वैसे प्रश्नों को गोला करते हुए आगे बढे जो आपको नहीं आता है।  अब आप दुबारा से प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें और प्रश्न अगर हल होता हो तो उसे हल करें।  जिन प्रश्नों के बारे में आपने कभी नहीं सुना है उसे अपने आइक्यू के हिसाब से हल करने की कोशिश करें।  क्योंकि 10 से 12 प्रश्न प्रत्येक प्रश्न पत्र में दिये ही जाते हैं ताकि आप उन प्रश्नों में उलझ जायें।  ऐसे प्रश्नों को देख कर आप विवके से काम लेते हुए उनका हल तलाश करें  


आप परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इतिहास विषय अध्ययन हेतु अध्ययन सामग्री की एक आदर्श सूची सूची तैयार की जा रही है जो गहन शोध करके आप तक प्रस्तुत किया जायेगा ।  निश्चित ही इससे सभी परीक्षार्थियों को लाभ पहुॅचेंगा।  अगर आप किसी दुसरे विषय के अध्ययन हेतु अध्ययन सामग्री की आदर्श सूची चाहते है तो आप की माग पर वह भी होगा।


धन्यवाद

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