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कांग्रेस से पूर्व राजनीतिक संस्थायें || भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना || कांग्रेस के स्थापना से सम्बधित सिद्धांन्त || UPSC STATE PCS LOWER PCS RO-ARO UPSSSC ||



आज का आर्टकिल आप के Exam के Point of view and Pattern को देखते हुए है आज इसमे important point को प्रस्तुत किया जा रहा है।  जो आप के Exam के लिये  most important हो सकता है।  


                 कांग्रेस से पूर्व राजनीतिक संस्थायें



कांग्रेस की स्थापना से पूर्व भारत में अनेक  संगठनों की स्थापना हुई जिनका मकसद अपने अपने निर्धारित क्षेत्र में भारतीय राजनीति को नई दिशा देना था।  

       1= 1838 में कलकत्ता में स्थपित लैंड होल्डर्स सोसाइटी भारत की प्रथम राजनीतिक संस्था थ

              जो द्वारकानाथ टैगोर के प्रयासों से स्थापित हुई।

2 = 1839 में लंदन में स्थपित ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी  विलियम एडमस ने किया था।  


3 = 28 अक्टूबर 1851 को ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की कलकत्ता में स्थापना हुई इस संस्था

             के संस्थापक देवेन्द्र नाथ टैगोर थे।  

4 = 1856 में बाम्बे एसोसिएशन की स्थापना बम्बई में हुई जिसके संस्थापक जगरनाथ सेठ थे।

  

5 = 1866 में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना लंदन में हुई जिसके संस्थापक 

            दादाभाई नौरोजी थे।  

6 = 1867 में नेशनल इंडियन एसोसिएशन की स्थापना लंदन में हुई जिसके संस्थापन 

            मैरीकारपेन्टर थे।  

7 = 1870 में पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना पूना में हुई जिसके संस्थापक

            एस एच साठेजी , बी जोशी महादेव, गोविन्द रानाडे थे।  

        8 = 1872 में इंडियन सोसाइटी की स्थापना लंदन में हुई जिसके संस्थापक आनंद मोहन बोस

                 थे।  

9 = 1885 में बम्बई प्रेसीडेंसी इसोसिएशन  की स्थापन बम्बई में हुआ जिसके संस्थापक

             फिरोजशाह मेहता बद्ररूद्धीन तैयबजी तथा के टी तैलंग थें।  


                भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना


28 दिसम्बर 1885 को 72 लोगों नें मिलकर गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किये। इस स्थापना में ए ओ हयूम की महत्वपूर्ण भूमिका थी।  वैसे तो ये बैठक पहले पूना में होने वाली थी।  लेकिन पूना में प्लेग फैलने के कारण इस बैठक को बम्बई में किया गया।  


कांग्रेस का नाम कांग्रेस दादा भाई नौरोजी ने दिया था। 

 

इस अधिवेशन में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी शामिल नहीं थें।  क्योकिं नेशनल कॉन्फ्रेंस का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन कलकत्ता में उसी समय आयोजित किया गया जब बम्बई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन चल रहा था।


इस समय भारत का वायसराय लार्ड डफरिन था


कांग्रेस का पहला अध्यक्ष होने का गौरव व्योमेश चन्द्र बनर्जी को प्राप्त हुआ।  


                    कांग्रेस के स्थापना से सम्बधित सिद्धांन्त 


सुरक्षा वाल्ब का सिद्धान्त

तडित चालक का सिद्धान्त

निहित स्वार्थों का षडयत्र 


1 =  लाला राजपत राय ने यंग इंडिया समाचार पत्र में यह विचार दिया था उनके विचार के अनुसार कांग्रेस अंग्रेजो के हितों की पूर्ती के लिए बनाई गई थी।  

2 =  गोपाल कृष्ण गोखले ने यह विचार भारतीयों के हित के पक्ष में कांग्रेस के स्थापना को बताया है।  

3 =  अनील सीले के अनुसार कांग्रेस की स्थापना अंग्रेज और भारतीय अपने अपने मकसद के लिए बनाए थे। 

 

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