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मुगल काल बाबर (1556 1705 ई0) खानवा का युद्ध 1527 चन्देरी का युद्ध

                                                                  मुगल काल


बाबर  (1556 1705 ई0)

बाबर का जन्म 14 फरवरी 1483 ई को मावराउन्नहर की एक छोटी सी रियासत फरगना मे हुआ था।  

बाबर के पिता का नाम उमरशेख मिर्जा था ये समरकन्द में फरगना रियासत के शासक थे फरगना को क्षेत्र एक उपजाउ क्षेत्र था।  और यह ट्रांन्स अक्सियाना नदी के तट पर अवस्थित है उमरशेख मिर्जा का भाई अहमद शेख मिर्जा फरगना को प्राप्त करने के लिए निरन्तर संर्घष करता रहता था कई बार ये दोनो सगे भाई एक दूसरे को मरने मारने तक तैयार हो जाते थे उमर शेख मिर्जा को आशिकी (कबुतर बाजी) का शौक था इसी मनोंरजन के दौरान एक जरजर मकान से गिर जाने के कारण इसकी मलवे में दबने से मृत्यू हो गई और इस तरह अहमद शेख मिर्जा ने फरगना पर कब्जा कर लिया अहमद शेख मिर्जा बाबर की भी हत्या करना चाहता था इसी संकट को देखते हुये बाबर की मॉं कुतुलूग निगार खानम ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ फरगना से जान बचा कर निकलने मे सफल होगई।  5 बार के निरन्तर प्रयास के बाद 1519 मे बाबर काबुल पर नियंन्त्र स्थापित करने में सफल हुआ इसी दौरान बाबर ने फरगना को प्राप्त करने का एक दृण विचार किया 


ब|बर 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी को पराजित किया ऐसा माना जाता है कि इस युद्व के लिए प्रेरित करने में पंजाब के गर्वनर दौलत ख लोदी जो इब्राहिम लोदी से नाराज थे।  और राणा सांगा थे।  

पनीपत के प्रथम युद्व में बाबर इब्राहिम लोदी के एक विशाल सेना को मात्र 12000 सैनिकों के सहयोग से परास्त किया जिसकी चर्चा बाबर ने अपने आत्मकथा तुजुकएबाबरी (तुर्की भाषा ग्रंथ) में किया है।  इस युद्ध में बाबर की सफलता का श्रेय बाबर के द्धारा गोला बारूद के प्रयोग को दिया जाता है बाबर गोला बारूद लाने वाला पहला शासक माना जाता है। 

 विजय नगर में भी इसी सब के संकेत के प्रयोग मिलते है।  बाबर अपने साथ दो तोफजी मुस्तफा और उस्ताद अली को भी लाया था पानीपत के युद्ध में बाबर ने तुलगना पद्धति मे तोपो को विशेष प्रकार से समावेसित किया जाता है पानीपत के मैदान में इन तोपो को चमडें की रस्सी से बॉधा गया था। 

         लेकिन जहॉ तक तुजुकएबाबरी में बाबर स्वम अपनी सफलता की बात करता है वह अपनी सफलता का श्रेय अपने तीरंजादो को देता है।  अतत. इब्राहिम लोदी की सेना पानीपत की मैदान में पराजित हुयी पानीपत के मैदान में ही इब्राहिम लोदी का मकबरा बना है।  


खानवा का युद्ध  1527


                खानवा के युद्ध में बाबर का संर्घष राणा संधा से हुआ था खानवा आगरा के समीप स्थित है इस युद्ध में भी बाबर ने तुलगना पद्धति का प्रयोग किया था।  इस युद्ध के दौरान बाबर ने जिहाद का नारा दिया था और स्वंम को गाजी धर्मयोद्धा धोषित किया शराब के सभी बर्तन तोडवा दिये सभी शराबों को फेकवा दिया इस युद्ध में भी बाबर विजयी रहा।  


चन्देरी का युद्ध  

यह युद्ध मालवा के शासक मेदनी राय और बाबर के मध्य हुआ था मेदनी राय ने राणा सांगा की सहायता की थी इस युद्ध को भी बाबर ने जीता था 1529 में धध्धर को युद्ध हुआ और इस युद्ध में भी बाबर को सफलता मिली 

बाबर के व्यक्तित्व के विषय में कई विशेषताये इतिहास में उल्लिखित है बाबर रूबाईया लिखता था साथ ही साथ उनको बेहतर ढग से गाता भी था|

 बाबर ने अपने आत्म कथा तुजुकएबाबरी में भूगोल विषय में अपने रूची को भी उल्लिखित किया है बाबर को कलन्दर कहॉं जाता है 1530 में आगरा मे बाबर की मृत्यू हुयी पहले आरामबाग (आगरा) में दफनाया गया बाद में काबुल में इसे दफन किया गया।  

बाबर ने बारूद का प्रयोग सर्वप्रथम भीडा और बाजौर (पंजाब से दिल्ली के रास्ते) में किया।  


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